गण्डा देने का मन्त्र गण्डा देने का मन्त्र “बन्ध तो बन्ध, मौला मुर्त्तजा अली का बन्ध, कीड़े और मकोड़े का बन्ध, ताप और तिजारी का बन्ध, जड़ी और बुखार का बन्ध, नजर और गुजर का बन्ध, दीठ और मूठ का बन्ध, कीए और कराए का बन्ध, भेजे और भीजाएका बन्ध, पैरों और हाथन का बन्ध, बन्ध तो बन्ध, मौला… Read More
भैरव वशीकरण मन्त्र भैरव वशीकरण मन्त्र १॰ “ॐ नमो रुद्राय, कपिलाय, भैरवाय, त्रिलोक-नाथाय, ॐ ह्रीं फट् स्वाहा।” विधिः- सर्व-प्रथम किसी रविवार को गुग्गुल, धूप, दीपक सहित उपर्युक्त मन्त्र का पन्द्रह हजार जप कर उसे सिद्ध करे। फिर आवश्यकतानुसार इस मन्त्र का १०८ बार जप कर एक लौंग को अभिमन्त्रित लौंग को, जिसे वशीभूत करना हो, उसे खिलाए।… Read More
35 अक्षरी शाबर मन्त्र ।। ॐ एक ओंकार श्रीसत्-गुरू प्रसाद ॐ।। ओंकार सर्व-प्रकाषी। आतम शुद्ध करे अविनाशी।। ईश जीव में भेद न मानो। साद चोर सब ब्रह्म पिछानो।। हस्ती चींटी तृण लो आदम। एक अखण्डत बसे अनादम्।। ॐ आ ई सा हा कारण करण अकर्ता कहिए। भान प्रकाश जगत ज्यूँ लहिए।। खानपान कछु रूप न रेखं। विर्विकार अद्वैत अभेखम्।।… Read More
हनुमान सिद्धि मन्त्र हनुमान सिद्धि मन्त्र मन्त्रः- “अजरंग पहनूं, बजरंग पहनूं, सबरंग रक्खू पास । दांये चले भीम सेन, बांये हनुमन्त, आगे चले काजी साहब, पीछे कुल बलारद । आतर चौकी कच्छ कुरान । आगे पीछे तूं रहमान । धड़ खुदा, सिर राखे । सुलेमान, लोहे का कोट, तांबे का ताला, करला । हंसा बीरा । करतल बसे… Read More
हनुमान सिद्धि श्री हनुमान सिद्धि के लिए मन्त्रः- “ॐ नमो देव लोक दिविख्या देवी, जहाँ बसे इस्माईल योगी । छप्पन भैरों, हनुमन्त वीर, भूत-प्रेत दैत्य को मार, भगावें । पराई माया ल्यावें । लाडू पेड़ा बरफी सेव सिंघाड़ा पाक बताशा मिश्री घेवर बालूसाई लोंग डोडा इलायची दाना तेल देवी काली के ऊपर । हनुमन्त गाजै ।। एती… Read More
सर्व सिद्धिदायक हनुमान मन्त्र सर्व सिद्धिदायक हनुमान मन्त्र श्री हनुमान् जी का यह मंत्र समस्त प्रकार के कार्यों की सिद्धि के लिए प्रयोग किया जाता है । मन्त्र सिद्ध करने के लिए हनुमान जी के मन्दिर में जाकर हनुमान जी की पंचोपचार पूजा करें और शुद्ध घृत का दीपक जलाकर भीगी हुई चने की दाल और गुड़ का प्रसाद… Read More
भूत-प्रेत-नाशक श्री हनुमान् जी का ‘झाड़ा’-मन्त्र भूत-प्रेत-नाशक श्री हनुमान् जी का ‘झाड़ा’-मन्त्र मन्त्रः- “जयति हनुमान जी, नित ध्यान धरुँ । सेऊँ वीर हनुमान, जटा-जूट अवधुत जंग जञ्जीर ।। लँगोट गाढ़ा भूत को बस कर, प्रेत को बसकर, गदा की मार से, तेल-सिन्दूर फल-फूल पान मंगल चढ़े, आप देखें जब रोट होवे । सत्य की नाव नरसिंह खेवे, दुष्ट के लात बजरंग… Read More
साबर मन्त्रों को सिद्ध कैसे करें ? साबर मन्त्रों को सिद्ध कैसे करें ? ‘साबर’ मन्त्रों की साधना के पूर्व ‘सर्वार्थ-साधक’ मन्त्र को 21 बार जप लेना चाहिए । इसके बाद अपने अभीष्ट मन्त्र की साधना करें । ‘सर्वार्थ-साधक’ मन्त्र का जप करते समय ध्यान रखें कि इसका कोई भी शब्द या वर्ण उच्चारण में अशुद्ध न हो । सर्वार्थ-साधक-मन्त्र- “गुरु सठ… Read More
श्रीसाबर-शक्ति-पाठ श्रीसाबर-शक्ति-पाठ पूर्व-पीठिका ।। विनियोग ।। श्रीसाबर-शक्ति-पाठ का, भुजंग-प्रयात है छन्द । भारद्वाज शक्ति ऋषि, श्रीमहा-काली काल प्रचण्ड ।। ॐ क्रीं काली शरण-बीज, है वायु-तत्त्व प्रधान । कालि प्रत्यक्ष भोग-मोक्षदा, निश-दिन धरे जो ध्यान ।। ।। ध्यान ।। मेघ-वर्ण शशि मुकुट में, त्रिनयन पीताम्बर-धारी । मुक्त-केशी मद-उन्मत्त सितांगी, शत-दल-कमल-विहारी ।। गंगाधर ले सर्प हाथ में, सिद्धि… Read More
श्री गोरक्ष वल्लभास्तोत्र श्री गोरक्ष वल्लभास्तोत्र इस गोरक्ष वल्लभा स्तोत्र का वैसे तो कोई भी विधिवत् पाठ कर फल प्राप्त कर सकता है, किन्तु विद्यार्थियों के लिए यह परम कल्याणकारक है । शुक्ल पक्ष के प्रथम मंगलवार से प्रतिदिन प्रातः-काल ब्रह्म-मुहूर्त्त में उठ जाना चाहिए तथा सूर्योदय से पूर्व स्नानादि से निवृत्त होकर धूले हुए शुद्ध वस्त्रों को… Read More