व्यवसाय वृद्धि-कारक प्रयोग व्यवसाय वृद्धि-कारक प्रयोग १॰ दुकान में लोबान की धूप लगानी चाहिए। २॰ शनिवार के दिन दुकान के मुख्य द्वार पर बेदाग नींबू एवं सात मिर्चें लटकानी चाहिए। ३॰ नागदमन के पौधे की जड़ लाकर इसे दुकान के बाहर लगा देना चाहिए। इससे बंधी दुकान खुल जाती है। ४॰ दुकान के गल्ले में शुभ मुहूर्त में… Read More
आज का दिन कैसा बीतेगा आज का दिन कैसा बीतेगा पंचांग से वर्त्तमान नक्षत्र ज्ञात करें। फिर नीचे दिए गये चक्र के समान एक चक्र बनायें। इस चक्र में जहां १ लिखा है, वहां उस दिन का प्रातःकालीन नक्षत्र को लिखकर उससे आगे के नक्षत्रों को क्रमशः २, ३, ४ आदि अंकों के स्थान पर लिखते हुए अभिजित् सहित २८… Read More
भविष्य-ज्ञान-प्रश्नावली भविष्य-ज्ञान-प्रश्नावली ९ १६ २ ७ ६ ३ १३ १२ १५ १० ८ १ ४ ५ ११ १४ यह प्रश्नावली चौंतीसा यन्त्र के आधार पर बनाई गई है। प्रश्न करने वाला श्री सच्चिदानन्द स्वरुप भगवान् का स्मरण कर नीचे लिखे प्रश्नों में से अपने प्रश्न का उच्चारण करे तथा बाँयी ओर दिये ३४सा यन्त्र के किसी… Read More
विजया-दशमी विजया-दशमी ‘आश्विन शुक्ल पक्ष’ की दशमी को ‘विजया-दशमी’ का पर्व होता है। ‘ज्योतिर्निबन्ध ‘ में लिखा है कि ‘आश्विनस्य सिते पक्षे दशम्यां तारकोदये । स कालो विजयो ज्ञेयः सर्वकार्यार्थसिद्धये ॥’… Read More
अपराजिता – पूजा अपराजिता – पूजा (निर्णयामृत ) – आश्विन शुक्ल दशमीको प्रस्थान करने के पहले अपराजिता का पूजन किया जाता है । उसके लिये अक्षतादि के अष्टदल पर मृत्तिका की मूर्ति स्थापन करके – ‘ॐ अपराजितायै नमः’ इससे अपराजिता का, ( उसके दक्षिण भागमें )… Read More
ब्रह्मादि देवों द्वारा भगवान् की स्तुति ब्रह्मादि देवों द्वारा भगवान् की स्तुति जय जय सुरनायक जन सुखदायक प्रनतपाल भगवंता । गो द्विज हितकारी जय असुरारी सिंधुसुता प्रिय कंता ।। पालन सुर धरनी अद्भुत करनी मरम न जानइ कोई । जो सहज कृपाला दीनदयाला करउ अनुग्रह सोई ।।… Read More
लाङ्गूलास्त्र शत्रुञ्जय हनुमत् स्तोत्र लाङ्गूलास्त्र शत्रुञ्जय हनुमत् स्तोत्र ॐ हनुमन्तमहावीर वायुतुल्यपराक्रमम् । मम कार्यार्थमागच्छ प्रणमाणि मुहुर्मुहुः ।। विनियोगः- ॐ अस्य श्रीहनुमच्छत्रुञ्जयस्तोत्रमालामन्त्रस्य श्रीरामचन्द्र ऋषिः, नानाच्छन्दांसि श्री महावीरो हनुमान् देवता मारुतात्मज इति ह्सौं बीजम्, अञ्जनीसूनुरिति ह्फ्रें शक्तिः, ॐ हा हा हा इति कीलकम् श्री राम-भक्ति इति ह्वां प्राणः, श्रीराम-लक्ष्मणानन्दकर इति ह्वां ह्वीं ह्वूं जीव, ममाऽरातिपराजय-निमित्त-शत्रुञ्जय-स्तोत्र-मन्त्र-जपे विनियोगः ।… Read More
विघ्न-विनाशक गणेश मन्त्र विघ्न-विनाशक गणेश मन्त्र “जो सुमिरत सिधि होइ गननायक करिबर बदन । करउ अनुग्रह सोई बुद्धिरासी सुभ गुन सदन ।।” मन्त्र की प्रयोग विधि और लाभ… Read More
संकट नाशन मन्त्र संकट नाशन मन्त्र मन्त्रः- “दीन दयाल बिरिदु सम्भारी । हरहु नाथ मम संकट भारी ।।” मन्त्र की प्रयोग विधि और लाभ… Read More
श्रीराम प्रसन्नता का मन्त्र श्रीराम प्रसन्नता का मन्त्र “अरथ न धरम न काम रुचि गति न चहउँ निरबान जनम जनम रति राम पद यह बरदान न आन ।।” मन्त्र की प्रयोग विधि और लाभ… Read More