भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ४६ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ४६ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ४६ कुक्कुट-मर्कटी-व्रतकथा (मुक्ताभरण सप्तमीव्रत-कथा)… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ४५ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ४५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ४५ वर्ज्य-सप्तमी-व्रत महाराज युधिष्ठिर ने कहा — भगवन् ! धन, सौख्य तथा समस्त मनोवाञ्छित कामनाओं को प्रदान करनेवाली किसी सप्तमीव्रत का आप वर्णन करें ।… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ४४ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ४४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ४४ आदित्य-मण्डलदान-विधि भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज़ ! अब मैं समस्त अशुभोंके निवारण करनेवाले श्रेयस्कर आदित्य-मण्डल के दान का वर्णन करता हूँ । जौ अथवा गोधूम के चूर्ण में गुड़ मिलाकर उसे गौ के घृत में भलीभाँति… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ४३ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ४३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ४३ विजयासप्तमी-व्रत युधिष्ठिरने पूछा — देव ! विजया-सप्तमी-व्रतमें किसकी पूजा की जाती है, उसका क्या विधान है और क्या फल है ? इसे आप बतलाने की कृपा करें । भगवान् श्रीकृष्ण बोले — राजन् ! शुक्ल पक्ष… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ४२ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ४२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ४२ कुमारषष्ठी-व्रतकी कथा भगवान् श्रीकृष्ण बोले — भरतसत्तम महाराज युधिष्ठिर ! मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि समस्त पापनाशिनी, धन-धान्य तथा शान्ति-प्रदायिनी एवं अतिकल्याणकारिणी है । उसी दिन कार्तिकेय ने तारकासुर का वध किया था,… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ४१ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ४१ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ४१ ललिताषष्ठी-व्रतकी विधि भगवान् श्रीकृष्ण बोले — राजन् ! भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को यह व्रत होता है । उस दिन उत्तम रूप, सौभाग्य और संतान की इच्छावाली स्त्री को चाहिये कि वह नदी… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ४० भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ४० ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ४० मन्दारषष्ठी-व्रत… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ३९ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ३९ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ३९ कमलषष्ठी (फलषष्ठी-) व्रत 1 भगवान् श्रीकृष्ण बोले — राजन् ! अब मैं कमलषष्ठी नामक व्रत को बतलाता हूँ, जिसमें उपवास करने से व्यक्ति पाप-मुक्त होकर स्वर्ग को प्राप्त करता है । मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ३८ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ३८ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ३८ विशोक –षष्ठी – व्रत राजा युधिष्ठिर ने कहा — जनार्दन ! आपके श्रीमुख से पंचमी-व्रतों का विधान सुनकर बहुत प्रसन्नता हुई । अब आप षष्ठी व्रतों का विधान बतलाये । मैंने सुना हैं कि षष्ठी को… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ३७ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ३७ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ३७ श्रीपंचमीव्रत कथा राजा युधिष्ठिर ने पूछा — भगवन ! तीनों लोकों में लक्ष्मी दुर्लभ हैं; पर व्रत, होम, तप, जप, नमस्कार आदि किस कर्म के करने से स्थिर लक्ष्मी प्राप्त होती है ? आप सब कुछ… Read More