भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५६ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५६ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ५६ दूर्वा की उत्पत्ति एवं दूर्वाष्टमी व्रत का विधान भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को अत्यन्त पवित्र दूर्वाष्टमी व्रत होता है । जो पुरुष इस पुण्य दूर्वाष्टमी का… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५५ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ५५ श्रीकृष्ण-जन्माष्टमीव्रत की कथा एवं विधि राजा युधिष्ठिर ने कहा — अच्युत ! आप विस्तार से (अपने जन्म-दिन) जन्माष्टमी व्रत का विधान बतलाने की कृपा करे । भगवान् श्रीकृष्ण बोले — राजन ! जब मथुरा में कंस… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५४ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ५४ बुधाष्टमी-व्रत-कथा तथा माहात्म्य भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! अब मैं बुधाष्टमी-व्रत का विधान बतलाता हूँ, जिसे करनेवाला कभी नरक का मुख नहीं देखता । इस विषय में आप एक आख्यान सुनें । सत्ययुग के प्रारम्भ… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५३ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ५३ अचलासप्तमी-व्रत-कथा तथा व्रत-विधि… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५२ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ५२ सप्तमी-स्वपनव्रत और उसकी विधि महाराज युधिष्ठिर ने पूछा — प्रभो ! मनुष्य को अपने मन में उद्भूत उद्वेग तथा खेद-खिन्नता और अपनी दरिद्रता की निवृत्ति के लिये अद्भुत-शान्ति के निमित्त कौन-सा धर्म-कृत्य करना चाहिये ? मृतवत्सा… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५१ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५१ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ५१ शुभसप्तमी-व्रत की विधि भगवान् श्रीकृष्ण बोले — राजन् ! अब में एक दूसरी सप्तमी का वर्णन कर रहा हूँ, वह शुभसप्तमी कहलाती है । इसमें उपवासकर व्यक्ति रोग, शोक तथा दुःखो से मुक्त हो जाता है… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५० भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ५० ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ५० कमल-सप्तमी-व्रत1 भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! अब मैं कमल सप्तमी-व्रत का वर्णन करता हूँ, जिसके नाम लेनेमात्र से ही भगवान् सूर्य प्रसन्न हो जाते हैं । वसन्त ऋतु में शुक्ल पक्ष की सप्तमी को प्रातःकाल… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ४९ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ४९ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ४९ शर्करा-सप्तमी-व्रत की विधि भगवान् श्रीकृष्ण बोले — धर्मराज ! अब मैं सभी पापों को नष्ट करनेवाले तथा आयु, आरोग्य और अनन्त ऐश्वर्य प्रदान करनेवाले शर्करा सप्तमी-व्रत का वर्णन करता हूँ । वैशाख मास के शुक्ल पक्ष… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ४८ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ४८ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ४८ कल्याण-सप्तमी-व्रत की विधि महराज युधिष्ठिर ने कहा — भगवन् ! यदि इस संसार-सागर से पार उतारनेवाला तथा स्वर्ग, आरोग्य एवं सुखप्रदायक कोई व्रत हो तो उसे आप बतलाने की कृपा करें । भगवान् श्रीकृष्ण बोले —… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ४७ भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ४७ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ४७ उभय-सप्तमी-व्रत भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! अब मैं सप्तमी-कल्प का वर्णन करता हूँ । आप इसे प्रीतिपूर्वक सुनें । माघ महीने की शुक्ला सप्तमी को संकल्पकर भगवान् सूर्य का वरुणदेव-नाम से पूजन करे । अष्टमी… Read More