उल्टी-सीधी बिस्मल्लाह हमजाद साधना विधिः- रात्रि में बारह बजे के बाद कुएँ में अपने पाँव लटका कर उक्त मन्त्र का ११ बार जप करे । दूसरे दिन १०० बार, तीसरे दिन १०१ बार जप करे । इसी प्रकार प्रति-दिन एक – एक संख्या बढ़ाते-बढ़ाते २१ दिनों में पूरा करे । बाद में आनेवाला दिन बाइसवाँ… Read More


श्रीमद्भागवतमहापुराण – तृतीय स्कन्ध – अध्याय ५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः ॐ श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय पाँचवाँ अध्याय विदुरजी का प्रश्न और मैत्रेयजी का सृष्टिक्रमवर्णन श्रीशुकदेवजी कहते हैं — परमज्ञानी मैत्रेय मुनि (हरिद्वार क्षेत्र में) विराजमान थे । भगवद्भक्ति से शुद्ध हुए हृदयवाले विदुरजी उनके पास जा पहुँचे और उनके साधुस्वभाव से आप्यायित होकर… Read More


श्रीमद्भागवतमहापुराण – तृतीय स्कन्ध – अध्याय ४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः ॐ श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय चौथा अध्याय उद्धवजी से विदा होकर विदुरजी का मैत्रेय ऋषि के पास जाना उद्धवजी ने कहा — फिर ब्राह्मणों की आज्ञा पाकर यादवों ने भोजन किया और वारुणी मदिरा पी । उससे उनका ज्ञान नष्ट हो गया और… Read More


श्रीमद्भागवतमहापुराण – तृतीय स्कन्ध – अध्याय ३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः ॐ श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय तीसरा अध्याय भगवान् के अन्य लीला-चरित्रों का वर्णन उद्धवजी कहते हैं — इसके बाद श्रीकृष्ण अपने माता-पिता देवकी-वसुदेव को सुख पहुँचाने की इच्छा से बलदेवजी के साथ मथुरा पधारे और उन्होंने शत्रुसमुदाय के स्वामी कंस को ऊँचे सिंहासन… Read More


श्रीमद्भागवतमहापुराण – तृतीय स्कन्ध – अध्याय २ ॐ श्रीपरमात्मने नमः ॐ श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय दूसरा अध्याय उद्धवजी द्वारा भगवान् की बाललीलाओं का वर्णन श्रीशुकदेवजी कहते हैं — जब विदुरजी ने परम भक्त उद्धव से इस प्रकार उनके प्रियतम श्रीकृष्ण से सम्बन्ध रखनेवाली बातें पूछी, तब उन्हें अपने स्वामी का स्मरण हो आया और… Read More


श्रीमद्भागवतमहापुराण – तृतीय स्कन्ध – अध्याय १ ॐ श्रीपरमात्मने नमः ॐ श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय पहला अध्याय उद्धव और विदुर की भेंट श्रीशुकदेवजी ने कहा — परीक्षित् ! जो बात तुमने पूछी है, वही पूर्वकाल में अपने सुख-समृद्धि से पूर्ण घर को छोड़कर वन में गये हुए विदुरजी ने भगवान् मैत्रेयजी से पूछी… Read More


चोरी न होने का मन्त्र विधिः— उक्त मन्त्र स्वयंसिद्ध है । इसको सिद्ध करने की आवश्यकता नहीं है । रात को सोते समय केवल एक बार उक्त मन्त्र का सस्वर उच्चारण करने से घर में चोर प्रवेश नहीं कर सकते । यदि चोर आएँगे भी, तो बिना कुछ लिए चले जाएंगे । विशेष — कहीं-कहीं… Read More


कामदेव अमोघ शस्त्र मन्त्रः— “ॐ नमो भगवते काम-देवाय श्रीं सर्व-जन-प्रियाय सर्व-जन-सम्मोहनाय ज्वल-ज्वल, प्रज्वल-प्रज्वल, हन-हन, वद-वद, तप-तप, सम्मोहय-सम्मोहय, सर्व-जनं मे वशं कुरु-कुरु स्वाहा।”… Read More


फूल मोहन शाबर मन्त्र मन्त्र (१) —  “ॐ नमो कामरू देश कामाक्षा देवी, तहाँ बसे इस्माइल जोगी । इस्माइल जोगी ने लगाई फुलवारी, फूल बीने लोना चमारी, जो इस पुल की सूँघे बास, तीसका जीव हमारे पास । घर छोड़े आंगन छोड़े, लोक-कुटुम्ब की लज्जा छोड़े । दुहाई लोना चमारों की । दुहाई धनवन्तरी की, छू… Read More


गुड़ मोहन शाबर मन्त्र विधिः- सर्वप्रथम मद्य, गुड़ की लपसी, कलेजी या मांस यह सब सामग्री एकत्र कर ‘पूजा’ के कमरे में रखे । फिर स्वच्छ कमरे में स्नानादि कर आसन पर बैठे । एक लकड़ी के पाटे के ऊपर वस्त्र बिछा कर उसके ऊपर ‘दीपक’ जलाए । लोबान की धूनी रखे । एक पात्र… Read More