June 29, 2025 | aspundir | Leave a comment अग्निपुराण – अध्याय 191 ॥ ॐ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ एक सौ इक्यानबेवाँ अध्याय त्रयोदशी तिथि के व्रत त्रयोदशीव्रतानि अग्निदेव कहते हैं — अब मैं त्रयोदशी तिथि के व्रत कहता हूँ, जो सब कुछ देने वाले हैं। पहले मैं ‘अनङ्गत्रयोदशी’ के विषय में बतलाता हूँ। पूर्वकाल में अनङ्ग (कामदेव) – ने इसका व्रत किया था। मार्गशीर्ष शुक्ला त्रयोदशी को कामदेवस्वरूप ‘हर’ की पूजा करे। रात्रि में मधु का भोजन करे तथा तिल और अक्षत मिश्रित घृत का होम करे। पौष में ‘योगेश्वर ‘का पूजन एवं होम करके चन्दन का प्राशन करे। माघ में ‘महेश्वर’ की अर्चना करके मौक्तिक (रास्ना नामक पौधे के) जल का आहार करे। इससे मनुष्य स्वर्गलोक को प्राप्त करता है। व्रत करनेवाला फाल्गुन में ‘वीरभद्र’ का पूजन करके कङ्कोल का प्राशन करे। चैत्र में ‘सुरूप’ नामक शिव की अर्चना करके कर्पूर का आहार करने वाला मनुष्य सौभाग्ययुक्त होता है। वैशाख में ‘महारूप’ की पूजा करके जायफल का भोजन करे। व्रत करने वाला मनुष्य ज्येष्ठ मास में ‘प्रद्युम्न’ का पूजन करे और लौंग चबाकर रहे। आषाढ़ में ‘उमापति’ की अर्चना करके तिलमिश्रित जल का पान करे। श्रावण में ‘शूलपाणि’ का पूजन करके सुगन्धित जल का पान करे। भाद्रपद में अगुरु का प्राशन करे और ‘सद्योजात’ का पूजन करे। आश्विन में ‘त्रिदशाधिप शंकर’ के पूजनपूर्वक स्वर्णजल का पान करे। व्रती पुरुष कार्तिक में ‘विश्वेश्वर’ की अर्चना के अनन्तर लवण का भक्षण करे। इस प्रकार वर्ष के समाप्त होने पर स्वर्णनिर्मित शिवलिङ्ग को आम के पत्तों और वस्त्र से ढककर ब्राह्मण को सत्कारपूर्वक दान दे। साथ ही गौ, शय्या, छत्र, कलश, पादुका तथा रसपूर्ण पात्र भी दे ॥ १-९ ॥ ‘ चैत्र शुक्लपक्ष को त्रयोदशी को सिन्दूर और काजल से अशोकवृक्ष को अङ्कित करके उसके नीचे रति और प्रीति (काम की पत्नियों) से युक्त कामदेव का स्मरण करे। इस प्रकार कामनायुक्त साधक एक वर्षतक कामदेव का पूजन करे। यह ‘कामत्रयोदशी व्रत’ कहलाता है ॥ १०-११ ॥ ॥ इस प्रकार आदि आग्नेय महापुराण में ‘त्रयोदशी के व्रत का वर्णन’ नामक एक सौ इक्यानबेवाँ अध्याय पूरा हुआ ॥ १९१ ॥ Content is available only for registered users. Please login or register Please follow and like us: Related Discover more from Vadicjagat Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe