अभिचार-नाशक मन्त्र 02 अभिचार-नाशक मन्त्र मन्त्रः- “हनुमान वीर बैठे मसान, जो मन भावे सो प्रमाण । पञ्जे अङ्गी, पञ्जे मुट्ठी । छेवाँ गुग्गल, होया प्रकाश । मोहनी-दोहनी दोनों बहनाँ, हत्थ में तक्की तेल- कड़ावाँ । तेल हमारे मुख में चढ़े । सार का तड़ाग, रूपे का लँगोट । हनुमान वीर सुत्ते ताँ जाग हमारे पास । भूत-प्रेत को… Read More
अभिचार-नाशक मन्त्र 01 अभिचार-नाशक मन्त्र मन्त्रः- “अग्नि का घोड़ा, बिजली की लगाम, जहाँ चढ़े हनुमान वीर, पठान लाल खान-जवान । क्या करता आया? भन्न के भसूड़ी, कढ़ के कलेजा, उस दुश्मन का खाया । जिसने ‘फलाने’ पर बार चलाया । सवा घड़ी में उसका स्यापा पाया । देखां हनुमान वीर, पठान लाल खान- जवान, तेरे इल्म चोट का… Read More
लक्ष्मी-प्राप्ति प्रयोग लक्ष्मी-प्राप्ति प्रयोग मन्त्रः- “ॐ नमो आदेश गुरु को । नमो सिद्ध गणपति-प्रसादात् विघ्न-हर्तु’ गणपत गणापत वसो मसाण । जो फल चीहुं, सो फल आण । पञ्च लाडूं, सिर सिन्दूर । रिद्धि-सिद्धि आण । गौरी का पुत्र सिंहासन बैठा । राजा कँपे, प्रजा कँपे । द्रष्टे राजा सिम चाँपे । पञ्च-कोष पूर्व-पश्चिम से आण । उत्तर… Read More
भुतादि-दोष-निवारण प्रयोग भुतादि-दोष-निवारण प्रयोग मन्त्रः- “नमो आदेश गुरु को । सात भवानी कालिका । बार वर्ष कुमार । एक मार्ग परमेश्वरी, चौदह भुवन द्वार । दो पाँख निर्मली, तेरह देवी-देवा । अष्ट-भुजा परमेश्वरी, ग्यारह रुद्र-सेवा, सोल कला सम्पूर्णा । तीन नयन भरपूर । दश-नाम, दश अवतार, पाँच देव रक्षा करें । नव-नाथा चौरासी सिद्ध, षट्-दर्शन पाइए, पन्द्रह… Read More
शत्रु-संहारक शाबर मन्त्र 02 शत्रु-संहारक शाबर मन्त्र 02 मन्त्रः- “तुमसे अरज करूँ, ऐ हो मात कालिका ! मोहि जो सतावे, सुख पावे न आठों याम । वाको तुम भक्ष लेओ, मेरी मात कालिका ! तुमसे अरज करूँ … ।। हाड़ तो हविष लेओ, खाल को खविष लेओ, गले पहिनो मात, आँतन की जालिका । तुमसे अरज करूँ … ।।… Read More
शत्रु-संहारक शाबर मन्त्र 01 शत्रु-संहारक शाबर मन्त्र 01 मन्त्रः- “ॐ नमो, आदेश गुरू को ? काला भैंरु-कपिल जटा । भेरू खेले चौराह-चौहट्टा । मद्य-मांस को भोजन करे । जाग जाग से काला भेरू ! मात कालिका के पूत ! साथे जोगी जङ्गम और अवधूत । मेरा वैरी ………. (अमुक) तेरा भक । काट कलेजा, हिया चक्ख । भेजी का… Read More
क्लेश निवारक शाबर मन्त्र क्लेश निवारक शाबर मन्त्र मन्त्रः- “ॐ ग्लौम् गौरी-पुत्र, वक्रतुण्ड, गण-पति, गुरु, गणेश ! ग्लौम् गण-पतिं, ऋद्धि-पति, सिद्धि-पति ! मेरे कर दूर क्लेश ।।”… Read More
दरिया देव की कृपा दरिया देव की कृपा मन्त्रः- “पहिले नाम भगवान् का । दूजे नाम औतार का । तिजे नाम सत्-गुरु, जिनका नाम स्वामी जी । उनकी कृपा और उनकी दया । इस ख्वाजा-खिदर पूजने के लिए परसाद लेकर आया । लोना चमारी दिरन्त की दुहाई । वैष्णो शाकुम्बरा और औतार पीर और पैगम्बर — इन सबकी दया… Read More
अभीष्ट देवता का आकर्षण अभीष्ट देवता का आकर्षण मुजपफरनगर जिले के पश्चिमी भाग में ‘झिझाना’ नाम का कस्बा है । उस कस्बे के अन्तर्गत यमुना किनारे ‘बिडौली,-ग्राम बसा हुआ है । यहीं पर एक अत्यन्त प्राचीन चमत्कारिक मजार है, जो जङ्गल में बनी हुई है । प्रत्येक वर्ष के ज्येष्ठ मास के आरम्भ मे यहाँ बड़ा मेला लगता है… Read More
सर्वार्थ-सिद्धि-दायक शाबर-मन्त्र सर्वार्थ-सिद्धि-दायक शाबर-मन्त्र सर्वार्थ-सिद्धि का सरल-सफल साधन है-‘शाबर-मन्त्र-साधना । जहाँ शास्त्रोक्त मन्त्रोपासना में अनेक नियमों का पालन करना प्रत्येक साधक के लिए असम्भव है, वही ‘शाबर-मन्त्रोपासना’ (साधना) सरलता व सुलभता-पूर्ण नियमों के पालन करने से सफल हो जाती है । स्पष्ट है कि शाबर मन्त्रों में असीम शक्तियाँ समाहित रहती हैं, किन्तु ये मन्त्र शास्त्रीय नही… Read More