देह बाँधना मन्त्रः- “धार राखै बारका, सीस राखै सोखा बीर । नाड़ी राखै नाहर सिंह, कपाल राखै, जोगनी । आगा राखै इन्द्र सिंह, पाछा राखै भीम सिंह । बारा कोस अगाड़ी राख, बारा कोस पिछाड़ी राख । तू जो कहै गौरा, मेरा प्रण न राखै, तो गौरा पारबती महा-देव की आन ।।”… Read More


अखाड़ा खोलना मन्त्रः- “उल्टा घोड़ा, उल्टा पीर । उल्टा चले मुहमदा पीर । मैं कहूं अखाड़े को खोल, न खोले तो बीबी फातिमा की आन, सुअर की चर्सा पर नमाज पढ़ै ।।”… Read More


शाबर-मन्त्र-वल्लरी कुश्ती जीतना तथा अखाड़ा बाँधना मन्त्रः- “ॐ महाबीर रणधीर बाँके पहलवान, आकाश बाँध, पाताल बाँध, अखाड़े के चारों कोने बाँध, दुश्मन का सीना बाँध, हाथ बाँध, पांव बाँध, निगाह बाँध, इतने बाँध के जेर न करे, तो माता अञ्जनी का दूध हराम करे, राजा रामचन्द्र जी की दुहाई ।।”… Read More


सुरक्षा-कारक मन्त्र मन्त्रः- “इर्द-गिर्द या अली चौफिर्द मुस्तफा । मदद मेरी को पहुंचिए, पञच-पीर मूर्त्तजा । लाइल्लाह का कोट, इल्लाह की खाई । हजरत मुहम्मद रसूल को चौकी, अल्लाह की दुहाई ।।”… Read More


बाबा बालकनाथ का मन्त्र मन्त्रः- (१) “श्रीराम महा-राम, जगन्नाथ स्वामी । इक-इक नागा, इक-इक निर्वाणी । उदासी बैरागी, कन्न पड़ाए । मुद्राँ पाईयाँ, किलकाँ लाईयाँ । इक घर मँगेया, दूआ घर मँगेआ, तीजे घर पिहाई । लौंगाँ-लाईचीयाँ दी धूनी लाई । गुफा तेरिया दीपक बले, चौं कुण्ठाँ चाणन होए ।।” (२) “ओम नाथ नाथेश्वर बाबा… Read More


गण्डा देने का मन्त्र मन्त्रः- “ओम नमो आदेश गुरु को । जागे गणेश देवता, मुह-मदा वीर जागे । काले घोड़े को बाँधों । काली घोड़ी को बाँधों । अग्नि को बाँधों । बिजली को बाँधों । लगे-लगाए को बाँधों । भेजे-भेजाए को बाँधो । हाकिन-डाकिन को बाँधों । सुलेमान-पीर पैगम्बर की होय दुहाई । फुरो… Read More


पीड़ा-निवारक मन्त्र मन्त्रः- “कहाँ से आया गुरु, कहाँ से आया चेला? कहाँ से आया मुहम्मद-पीर ? स्वर्ग से आया गुरु, पाताल से आया चेला, मक्का-मदीना से आया मुहम्मद-पीर । साथ आए शङ्कर भोले, क्षण में जाए पीड़ । चले मन्त्र, ईश्वर महा- देव का वाचा फुरे ।”… Read More


रक्षा-पाल का मन्त्र मन्त्रः- “जाग-जाग वापुए देया पुत्रा । काली-माई देया चेलया । महा – रुद्रिया देया जाया । लीलो बहना दया भाईया । ज्यूणिया-घुम्हारिया देया सज्जणा । हीराँ गदड़े – टियाँ देया खसमा । घगरिया – नानिया देया दोतुआ । जाति – दा लुलाला भेडाँ – दा भाला जुआलिया सुहाला । धारा नगारा दूँगी… Read More


भैरों सिद्धि का मन्त्र मन्त्रः- “काला भैरों कपली जटा । हत्थ वराड़ा, कुन्द बड़ा । काला भैरों हाजिर खड़ा । चाम की गुत्थी, लौंग की विभूत । लगे लगाए की करे भस्मा भूत । काली बिल्ली, लोहे की पाखर, गुराँ सिखाए अढ़ाई अखर । अढ़ाई अखर गए गुराँ के पास, गुराँ बुलाई काली । काली… Read More


अभिचार-नाशक मन्त्र मन्त्रः- “काली-काली, महा-काली । ब्रह्मा की बेटी, इन्द्र की साली । दोनों हाथ बजावे ताली । हङ्किनी – डङ्किनी को भस्म करे । अल्लाह-बिसमिल्लाह को भस्म करे । नौ नाथ, चौरासी सिद्धों को भस्म करे । नौ नारसिंह, सोलह सींडुओं को भस्म करे । बावन वीर, चौंसठ योगिनी को भस्म करे । अस्सी… Read More