बाबा नानक जी का मन्त्र बाबा नानक जी का मन्त्र मन्त्रः- “अगम – अगोचर तू परमेश्वर । तू मेरा राखा सवनी थाईं । भाई बुड्ढे नूँ पीढ़ी बख्शी । भाई वावे नूं पीढ़ा । गुरु अङ्गद नूँ गुरयाई बख्शी, चार कुण्ठ देया पीरा । सत नाम श्री वाहे गुरु । मन्त्र बाबा नानक जी दा जाप । रक्षा करनी बाबा… Read More
दत्तात्रेय आसन-गायत्री दत्तात्रेय आसन-गायत्री मन्त्रः- “आसन ब्रह्मा, आसन विष्णु, आसन इन्द्र, आसन बैठे गुरु गोविन्द । आसन बैठो, धरो ध्यान, स्वामी कथनो ब्रह्म-ज्ञान । अजर आसन, वज्र किवाड़, वज्र वजड़े दशम द्वार । जो घाले वज्र घाव, उलट वज्र वाहि को खाव । हृदय मेरे हर बसे, जिसमें देव अनन्त । चौकी हनु- मन्त वीर की ।… Read More
रक्षा-कारक मन्त्र रक्षा-कारक मन्त्र मन्त्रः- “नागौरी से सुलतान, मुहम्मद से जोद्धा, बडे खुदाय काम । चारों चक्र हनुमान जोद्धे ने मारे । मस्तक में सिन्दूर लगाऊँ । सवा सेर का रोट चढाऊं । मैं करूँ हिन्दी का पाठ । घरेर – घार कर लगा लगाया, भेजा – भेजाया सब गुर्ज के बस में कर । पहली हक्का… Read More
रक्षा का मन्त्र रक्षा का मन्त्र मन्त्रः- “ॐ आदेश, गुरु जी को आदेश । वज्र की कोठड़ी, वज्र किवाड़ा वज्र छायों, दसों द्वारा । गणेश सौंगली, शेष कुण्डा । ब्रह्मा कुञ्जी, विष्णु ताला । भोले शङ्कर की चौकी, भैरों बलि, हनुमन्त वीर का पहरेदारा । जो इस घट-पिण्ड पर करे घाव, तो शिव-शक्ति की फिरे दुहाई । मेरी… Read More
भैरों का मन्त्र भैरों का मन्त्र मन्त्रः- “आद भैरों, जुगाद भैरों, भैरों है सब थाईं । भैरों ब्रह्मा, भैरों विष्णु, भैरों ही भोला साईं । भैरों देवी, भैरों सब देवता, भैरों सिद्ध, भैरों नाथ । भैरों गुरु, भैरों पीर, भैरों ज्ञान, भैरों ध्यान । भैरों योग- वैराग । भैरों विन होय ना रक्षा । भैरों विन बजे ना… Read More
नव-नाथ का मन्त्र नव-नाथ का मन्त्र मन्त्रः- “ॐ आदेश, गुरू जी को आदेश । ओङ्कार – रूपी आदि-नाथ आकाश-स्वरूपी । सन्तोषनाथ विष्णु खण्डा खड्ग-स्वरूपी । गज-वेली कन्थडीनाथ गणेश जी हस्ति-स्वरूपी । अचला अचम्भेनाथ शेषनाग अचल – स्वरूपी । सिद्ध चौरङ्गीनाथ पूर्ण भगत चन्द्रमा – स्वरूपी । माया-रूपी मच्छेन्द्रनाथ । घटे-बड़े पिण्ड गुरू गोरखनाथ । इतना नौ नाथ मन्त्र-जाप… Read More
सङ्कट-मुक्ति के लिए सङ्कट-मुक्ति के लिए यदि कोई भयंकर आपत्ति आई हो; अपनी तरफ से सभी प्रकार के प्रयत्न निष्फल हो चुके हों; आपत्ति से छुटकारा न मिल रहा हो– ऐसी स्थिति में निम्न साधना लगातार ८ दिन नित्य निश्चित समय पर करें- बाह्म मुहूर्त पर स्नान करके, गीले कपड़े पहने ही अपने इष्ट नाथ का ‘नाम-मन्त्र’ १०८… Read More
देवी कृपा-प्राप्ति के लिए देवी कृपा-प्राप्ति के लिए पहले कोई भी एक पुराना मन्दिर भग्न मन्दिर ढूंढ़े, जहाँ कोई न जाता हो । फिर किसी भी दिन वहाँ जाकर देवता को अक्षत आदि देकर निमन्त्रण दे दें कि आपकी कृपा के लिए मैं यहाँ ४० दिन नित्य आऊँगा । दूसरे दिन से रात को १२ बजे वहाँ जाकर यथा-शक्ति… Read More
नाथ-पन्थीं मन्त्रों के कुछ ज्ञातव्य नाथ-पन्थीं मन्त्रों के कुछ ज्ञातव्य ‘नाथ पन्थ’ मे गुरु का बड़ा महत्व है । ईश्वर से भी ज्यादा महत्ता ‘गुरु’ को दी जाती है । सक्षम गुरु से पहले ‘दीक्षा’ लेना और बाद मे ‘साधना’ करना उचित माना जाता है । किसी कारण वश यदि गुरु की प्राप्ति नही हो पाती और मन्त्र-साधना में रुचि… Read More
महा-काली शाबर मन्त्र महा-काली शाबर मन्त्र मन्त्र :- “सात पूनम काल का, बारह बरस क्वाँर । एको देवी जानिए, चौदह भुवन – द्वार ।। १ द्वि – पक्षे निर्मलिए, तेरह देवन देव । अष्ट-भुजी परमेश्वरी, ग्यारह रुद्र सेव ।। २ सोलह कला सम्पूर्णी, तीन नयन भरपूर । दसों द्वारी तू ही माँ, पाँचों बाजे नूर ।। ३ नव-निधी… Read More