टोना लगाने का मन्त्र टोना लगाने का मन्त्र अगर किसी शत्रु के ऊपर टोना लगाना हो, तो निम्न लिखित मन्त्र को २१ बार नींबू के ऊपर पढ़कर चाकू से नींबू काटकर शत्रु के घर में फेंक दें । इससे शत्रु प्रताड़ित होगा । ‘अमुक’ की जगह शत्रु का नाम लेना चाहिए ।… Read More
शत्रु-पीड़ा-कारक मन्त्र शत्रु-पीड़ा-कारक मन्त्र विधि — पहले किसी मङ्लवार को हनुमान मन्दिर में जाकर तेल, सिन्दूर, लाल फूल चढ़ाए । गुड का भोग लगाकर १०८ बार उक्त मन्त्र का जप करे । प्रयोग के समय मङ्गलवार की आधी रात को उक्त मन्त्र द्वारा हनुमान जी को लाल वस्त्र, चने की दाल, गुड का भोग लगाए । फिर… Read More
शत्रु-स्तम्भन मन्त्र शत्रु-स्तम्भन मन्त्र मन्त्रः- “जल बाँधु, जल-वायु बाँधु । बाँधु जल के तीर । पाँचो काला कलवा बाँधों । बाँधु हनुमन्त वीर ! सहदेव तेरी लाकड़ी, अर्जुन तेरो बाण । ‘अमुक’ की गति थाम दे, यति हनुमत की आन । शब्द साँचा-पिण्ड काँचा, मेरे गुरू का इल्म साँचा । फुरो मन्त्र, ईश्वरो वाचा । दुहाई गोरख-… Read More
बैरी-नाशन मन्त्र छत्तीसगढ के अनुभूत शाबर मन्त्र बैरी-नाशन मन्त्र विधि — एक निम्बू, (२) एक नारियल, (३) चुटकी भर सिन्दूर, (४) काले कपड़े का टुकड़ा, (५) बबूल के सात कांटे । अमा-वस्या के दिन उक्त मन्त्र का १०८ बार जप कर ११ बार गूगुल की धूप दें । फिर निम्बू पर शत्रु का नाम सिन्दूर से लिखकर,… Read More
असावरी देवी का शाबर मन्त्र असावरी देवी का शाबर मन्त्र ‘शाबर’ का एक विशेष अङ्ग ‘असावरी देवी’ है । इनको बिना पूजे ‘शाबर’ का काम पूरा होना कठिन हो जाता है । इसे लोग ‘झुमरी शाबर’ कहते हैं । यह ‘झुमरी शाबर’ भजन के ढङ्ग से धीमे स्वर में गाकर काम में लाया जाता है । महिलाएँ प्राय: इसे जाँता… Read More
इत्र-मोहिनी इत्र-मोहिनी मन्त्रः- “काला भैंरु, बावन वीर, पर-त्रिया से कर दे सीर । पर-त्रिया छ: अगन कँवारी, पर जोबन में लागे प्यारी । चम्पा के फुल जू आवे बास, घर का धणी की छोड़ दे आस । कपड़ा से बाद भरावे, अङ्ग से अङ्ग मिलावे । तीजी घड़ी-तीजी शाद । अङ्ग से अङ्ग न मिलावे, तो… Read More
रक्षा मन्त्र रक्षा मन्त्र मन्त्रः- “बांएँ हुसैन, दाहिने नदी । पीठ पे अली, सर पे खुदा । तेरी पनाह, तेरी पनाह, तेरी पनाह ।”… Read More
उत्तम खेती के लिए मन्त्र किसान बन्धुओं के लिए मन्त्र उत्तम खेती के लिए मन्त्र मन्त्रः- “ॐ नमो आदेश । गुरु जी को आदेश । आनिल देवी । आगच्छ आगच्छ । साईं गोरखनाथ की द्वाही । शुरू की शक्ति, मेरी भक्ति । चले मन्त्र, ईश्वरी वाचा । गुरू गोरख- नाथ फा शब्द सच्चा ।।”… Read More
रोजी मिले-धन बढ़े बहु-जन-हिताय अनुभूत शाबर-मन्त्र रोजी मिले-धन बढ़े मन्त्र – “ॐ नमो भगवती पदुम पदमावी । ॐ ह्रीं श्रों श्रीं पूर्वाय दक्षिणाय उत्तराय आण पूरय, सर्व-जन वश्य कुरु कुरु स्वाहा ।”… Read More
मृतक आत्मा का आकर्षण मृतक आत्मा का आकर्षण मन्त्र — “ॐ ह्रीं फ्लों अं श्री महा सर्वे स्व-प्रदात्रै नमः ।”… Read More