श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-चतुर्थ स्कन्धः-अध्याय-21 April 19, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-चतुर्थ स्कन्धः-अध्याय-21 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-चतुर्थ: स्कन्धः-एकविंशोऽध्यायः इक्कीसवाँ अध्याय देवकी के प्रथम पुत्र का जन्म, वसुदेव द्वारा प्रतिज्ञानुसार उसे कंस को अर्पित करना और कंस द्वारा उस नवजात शिशु का वध कंसेन देवकीप्रथमपुत्रवधवर्णनम् व्यासजी बोले — हे राजन् ! इसके बाद समय आनेपर देवस्वरूपिणी देवकी ने… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-चतुर्थ स्कन्धः-अध्याय-20 April 18, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-चतुर्थ स्कन्धः-अध्याय-20 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-चतुर्थ: स्कन्धः-विंशोऽध्यायः बीसवाँ अध्याय व्यासजी द्वारा जनमेजय को भगवती की महिमा सुनाना तथा कृष्णावतार की कथा का उपक्रम कृष्णावतारकथोपक्रमवर्णनम् व्यासजी बोले — हे भारत ! सुनिये, अब मैं आपको पृथ्वी का भार उतारने और कुरुक्षेत्र तथा प्रभासक्षेत्र में योगमाया के द्वारा… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-चतुर्थ स्कन्धः-अध्याय-19 April 18, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-चतुर्थ स्कन्धः-अध्याय-19 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-चतुर्थ: स्कन्धः-एकोनविंशोऽध्यायः उन्नीसवाँ अध्याय देवताओं द्वारा भगवती का स्तवन, भगवती द्वारा श्रीकृष्ण और अर्जुन को निमित्त बनाकर अपनी शक्ति से पृथ्वी का भार दूर करने का आश्वासन देना देवान् प्रति देवीवाक्यवर्णनम् व्यासजी बोले — [ हे राजन्!] ऐसा कहने के उपरान्त… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-चतुर्थ स्कन्धः-अध्याय-18 April 18, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-चतुर्थ स्कन्धः-अध्याय-18 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-चतुर्थ: स्कन्धः-अष्टादशोऽध्यायः अठारहवाँ अध्याय पापभार से व्यथित पृथ्वी का देवलोक जाना, इन्द्र का देवताओं और पृथ्वी के साथ ब्रह्मलोक जाना, ब्रह्माजी का पृथ्वी तथा इन्द्रादि देवताओं सहित विष्णुलोक जाकर विष्णु की स्तुति करना, विष्णु द्वारा अपने को भगवती के अधीन बताना… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-चतुर्थ स्कन्धः-अध्याय-17 April 18, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-चतुर्थ स्कन्धः-अध्याय-17 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-चतुर्थ: स्कन्धः-सप्तदशोऽध्यायः सत्रहवाँ अध्याय श्रीनारायण द्वारा अप्सराओं को वरदान देना, राजा जनमेजय द्वारा व्यासजी से श्रीकृष्णावतार का चरित सुनाने का निवेदन करना नारायणवरदानम् जनमेजय बोले — हे मुने! आप नर नारायण के आश्रम में आयी हुई अप्सराओं की चर्चा पहले ही… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-चतुर्थ स्कन्धः-अध्याय-16 April 18, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-चतुर्थ स्कन्धः-अध्याय-16 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-चतुर्थ: स्कन्धः-षोडशोऽध्यायः सोलहवाँ अध्याय भगवान् श्रीहरि के विविध अवतारों का संक्षिप्त वर्णन हरेर्नानावतारवर्णनम् जनमेजय बोले — हे मुनिश्रेष्ठ ! हे विभो ! अद्भुत चरित्र वाले भगवान् विष्णु ने भृगु के शाप से किस मन्वन्तर में किस प्रकार अवतार ग्रहण किये। हे… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-चतुर्थ स्कन्धः-अध्याय-15 April 17, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-चतुर्थ स्कन्धः-अध्याय-15 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-चतुर्थ: स्कन्धः-पञ्चदशोऽध्यायः पन्द्रहवाँ अध्याय देवता और दैत्यों के युद्ध में दैत्यों की विजय, इन्द्र द्वारा भगवती की स्तुति, भगवती का प्रकट होकर दैत्यों के पास जाना, प्रह्लाद द्वारा भगवती की स्तुति, देवी के आदेश से दैत्यों का पातालगमन देवीकथनेन दानवानां रसातलं… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-चतुर्थ स्कन्धः-अध्याय-14 April 17, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-चतुर्थ स्कन्धः-अध्याय-14 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-चतुर्थ: स्कन्धः-चतुर्दशोऽध्यायः चौदहवाँ अध्याय शुक्राचार्य द्वारा दैत्यों को बृहस्पति का पाखण्डपूर्ण कृत्य बताना, बृहस्पति की माया से मोहित दैत्यों का उन्हें फटकारना, क्रुद्ध शुक्राचार्य का दैत्यों को शाप देना, बृहस्पति का अन्तर्धान हो जाना, प्रह्लाद का शुक्राचार्यजी से क्षमा माँगना और… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-चतुर्थ स्कन्धः-अध्याय-13 April 17, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-चतुर्थ स्कन्धः-अध्याय-13 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-चतुर्थ: स्कन्धः-त्रयोदशोऽध्यायः तेरहवाँ अध्याय शुक्राचार्यरूपधारी बृहस्पति का दैत्यों को उपदेश देना शुक्ररूपेण गुरुणा दैत्यवञ्चनावर्णनम् राजा बोले — [ हे व्यासजी !] तत्पश्चात् शुक्राचार्य का रूप धारण करने वाले बुद्धिमान् गुरु बृहस्पति ने छलपूर्वक दैत्यों का पुरोहित बनकर क्या किया ? ॥… Read More
श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-चतुर्थ स्कन्धः-अध्याय-12 April 17, 2025 | aspundir | Leave a comment श्रीमद्देवीभागवत-महापुराण-चतुर्थ स्कन्धः-अध्याय-12 ॥ श्रीजगदम्बिकायै नमः ॥ ॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥ पूर्वार्द्ध-चतुर्थ: स्कन्धः-द्वादशोऽध्यायः बारहवाँ अध्याय महात्मा भृगु द्वारा विष्णु को मानवयोनि में जन्म लेने का शाप देना, इन्द्र द्वारा अपनी पुत्री जयन्ती को शुक्राचार्य के लिये अर्पित करना, देवगुरु बृहस्पति द्वारा शुक्राचार्य का रूप धारणकर दैत्यों का पुरोहित बनना जयन्त्या शुक्रसहवासवर्णनम् व्यासजी… Read More