श्रीपञ्चमुखी-हनुमत्कवचम् October 26, 2015 | aspundir | Leave a comment ।। अथ श्रीपञ्चमुखी-हनुमत्कवचम् ।। पञ्च-मुख-हनुमत्-कवच पाठान्तर के साथ एक बार पुनः प्रस्तुत है । ।। श्री गणेशाय नमः ।। ।। ईश्वर उवाच।। अथ ध्यानं प्रवक्ष्यामि श्रृणु सर्वाङ्ग-सुन्दरी । यत्कृतं देवदेवेशि ध्यानं हनुमतः परम् ।। १।। पञ्चवक्त्र महाभीमं त्रिपञ्चनयनैर्युतम् । बाहुभिर्दशभिर्युक्तं सर्वकामार्थ सिद्धिदम् ।। २।।… Read More
श्रीपञ्चमुखी-हनुमत्कवचम् October 26, 2015 | aspundir | Leave a comment ।। अथ श्रीपञ्चमुखी-हनुमत्कवचम् ।। विनियोगः- ॐ अस्य श्रीपञ्चमुख-हनुमन्-कवच-स्तोत्र-मंत्रस्य श्रीरामचन्द्र ऋषिः, अनुष्टुप छंदः, पञ्च-मुख-वीर-हनुमान् देवता, हनुमानिति बीजम्, वायु-पुत्र इति शक्तिः, अञ्जनीसुत इति कीलकम्, श्रीराम-दूत-हनुमत्-प्रसाद-सिद्धयर्थे जपे विनियोगः ।… Read More
शरत्-पूर्णिमाः ‘लक्ष्मी-इन्द्र-कुबेर-पूजन’ October 24, 2015 | aspundir | Leave a comment शरत्-पूर्णिमाः ‘लक्ष्मी-इन्द्र-कुबेर-पूजन’ ‘आश्विन पूर्णिमा’ में “प्रदोष-लक्ष्मी-पूजन’ 1. सायं-काल यथा-शक्ति पूजा-सामग्री को एकत्र कर पवित्र आसन पर बैठे। आचमन कर दाएँ हाथ में जल-अक्षत-पुष्प लेकर ‘संकल्प’ करे। यथा- ॐ अस्य रात्रौ आश्विन-मासे-शुक्ल-पक्षे पूर्णिमायां तिथौ अमुक-गोत्रस्य अमुक-शर्मा (वर्मा या दासः) मम सकल-दुःख-दारिद्र्य-निरास-पूर्वक लक्ष्मी-इन्द्र-कुबेर-पूजनं अहं करिष्यामि (करिष्ये)।… Read More
शनि-पीड़ा के लिए प्रभाव-पूर्ण उपासनाएँ October 24, 2015 | aspundir | Leave a comment शनि-पीड़ा के लिए प्रभाव-पूर्ण उपासनाएँ १॰ शनिवार, अमावस्या आदि दिनों पर ‘शनि-मन्दिर’ में जाकर आक-पर्ण (मदार के पत्ते) एवं पुष्पों की माला मूर्ति पर चढ़ाएँ । एक या आधा चम्मच तेल भी चढ़ाएँ । अब मूर्ति के सामने बैठकर शान्त-चित्त से निम्न मन्त्र, मूर्ति के भ्रू-मध्य या दाहिनी आँख पर त्राटक-पूर्वक प्रेम-भाव से, ११ बार… Read More
शनि-साढ़ेसाती के शांति उपाय October 24, 2015 | aspundir | Leave a comment शनि-साढ़ेसाती के शांति उपाय १॰ श्रीशिवशंकर पर ताँबे का सर्प (नाग) चढ़ाना हितकर है। २॰ पाँच शनिवार लगातार किसी लोहे के पात्र में तेल लें और उसमें अपना चेहरा देखकर तेल आक के पौधे पर डाल दें। अन्तिम शनिवार अर्थात् पाँचवें शनिवार को तेल चढ़ाने के बाद तेल वाला पात्र आक के पौधे के पास… Read More
दीन-दयालु दिवाकर देवा October 24, 2015 | aspundir | Leave a comment दीन-दयालु दिवाकर देवा दीन-दयालु दिवाकर देवा । कर मुनि, मनुज, सुरासुर सेवा ।। हिम-तम-करि-केहरि करमाली । दहन दोष-दुख-दुरित-रुजाली ।।… Read More
एरण्ड वृक्ष से वशीकरण का शाबर मन्त्र October 24, 2015 | aspundir | Leave a comment एरण्ड वृक्ष से वशीकरण का शाबर मन्त्र मन्त्रः- “ॐ नमो काल भैरवी-काली रात, काला आया आधी रात । चलै तो कतार बाँधूँ, तूँ बावन वीर । पर-नारी सो राखै शीर, छाती धरि के वाको लाओ । सोती होय जगा के लाओ । बैठी होय, उठा के लाओ । शब्द साँचा, पिण्ड काँचा । फुँके मन्त्र,… Read More
सर्व-जन-वशीकरण शाबर मन्त्र October 23, 2015 | aspundir | Leave a comment सर्व-जन-वशीकरण शाबर मन्त्र मन्त्रः- “जय हनुमन्ता, तेज चलन्ता, शहर-गाँव-मरघट में रमता । भैरव साथ उमा को नमता, मेरे वश में अमुक कु लावता । नमु हनुमन्त बजरंग बल-वीरा, ध्यान धरुँ – हिरदय में धीरा ।”… Read More
संकट से रक्षा का शाबर मन्त्र October 23, 2015 | aspundir | Leave a comment संकट से रक्षा का शाबर मन्त्र मन्त्रः- “हनुमान हठीला लौंग की काट, बजरंग का टीला ! लावो सुपारी । सवा सौ मन का भोगरा, उठाए बड़ा पहलवान । आस कीलूँ – पास कीलूँ, कीलूँ अपनी काया । जागता मसान कीलूँ, बैठूँ जिसकी छाया । जो मुझ पर चोट-चपट करें, तू उस पर बगरंग ! सिला… Read More
हवन से वशीकरण का शाबर मन्त्र October 23, 2015 | aspundir | 1 Comment हवन से वशीकरण का शाबर मन्त्र मन्त्रः- “ॐ गणपति वीर बसै मसान, जो मैं माँगो (मंगौ) सो तुम आनु (आन)। पाँच लडुवा सिर सिन्दूर, त्रिभुवन माँगे चम्पे के फूल । अष्ट कुलि नाग मोहु, जो नारी (नौ सौ नाड़ी) बहुत्तरि कोठा मोहु । सभा माहे इन्द्र की बेटी मोहुँ । आवती-आवती स्त्री मोहुँ, जात-जाता पुरुष… Read More