भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय २८ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय २८ चैत्र, भाद्रपद और माघ शुक्ल तृतीया — व्रत का विधान और फल भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! अब आप चैत्र, भाद्रपद तथा माघ के शुक्ल तृतीया व्रतों के विषय में सुने । इन व्रतों से… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय २७ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय २७ आर्द्रानन्दकरी तृतीया-व्रत भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! अब मैं तीनों लोकों में प्रसिद्ध, आनन्द प्रदान करनेवाले, पापों का नाश करनेवाले आर्द्रानन्दकरी तृतीयाव्रत का वर्णन करता हूँ । जब किसी भी महीने में शुक्ल पक्ष की… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय २६ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय २६ अनन्त-तृतीया तथा रसकल्याणिनी तृतीया-व्रत राजा युधिष्ठिर ने कहा — भगवन् ! अब आप सौभाग्य एवं आरोग्य-प्रदायक, शत्रुविनाशक तथा भुक्ति-मुक्ति-प्रदायक कोई व्रत बतलाइये । भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! बहुत पहले की बात है, असुर-संहारक भगवान्… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय २५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय २५ सौभाग्यशयन व्रत की विधि भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! अब मैं सभी कामनाओं को पूर्ण करनेवाले सौभाग्यशयन व्रत का वर्णन करता हूँ । जब प्रलय के पूर्वकाल में — ‘भूर्भुवः स्वः’ आदि सभी लोक दग्ध… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय २४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय २४ रम्भा-तृतीया व्रत का माहात्म्य भगवान् श्रीकृष्ण बोले — राजन ! अब मैं सभी पापों के नाशक, पुत्र एवं सौभाग्यप्रद सभी व्याधियों के उपशामक, पुण्य तथा सौख्य प्रदान करनेवाले रम्भा तृतीया व्रत का वर्णन करता हूँ ।… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय २३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय २३ उमामहेश्वर—व्रत की विधि महाराज युधिष्ठिर ने कहा — भगवन् ! जिस व्रत के करने से स्त्रियों को अनेक गुणवान पुत्र-पौत्र, सुवर्ण, वस्त्र और सौभाग्य की प्राप्ति होती है तथा पति-पत्नी का परस्पर वियोग नहीं होता, उस… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय २२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय २२ अवियोग तृतीया व्रत राजा युधिष्ठिरने कहा — भगवन ! जिस व्रत के करने से पत्नी पति से वियुक्त न हो और अन्त में शिवलोक में निवास करे तथा जन्मान्तर में भी विधवा न हो ऐसे व्रत… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय २१ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय २१ ललितातृतीया –व्रत की विधि राजा युधिष्ठिर ने कहा — भगवन ! अब आप द्वादश मासों में किये जानेवाले व्रतों का वर्णन करें, जिनके करने से सभी उतम फल प्राप्त होते हैं, साथ ही प्रत्येक मास-व्रत का… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय २० ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय २० हरकाली व्रत कथा राजा युधिष्ठिर ने पूछा — भगवन् ! भगवती हरकाली देवी कौन है ? इनका पूजन करने से स्त्रियों को क्या फल प्राप्त होता है ? इसका आप वर्णन करें ? भगवान् श्रीकृष्ण बोले… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १८ से १९ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय १८ से १९ पञ्चाग्निसाधन नामक रुप-रम्भा-तृतीया तथा गोष्पद-तृतीया व्रत युधिष्ठिरने पूछा — भगवन् ! इस मृत्युलोक में जिस व्रत के द्वारा स्त्रियों का गृहस्थाश्रम सुचारु-रूप से चले और उन्हे पति की भी प्रीति प्राप्त हो,… Read More