भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १५१ January 13, 2019 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १५१ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय १५१ दान की महिमा और प्रत्यक्ष धेनु-दान की विधि महाराज युधिष्ठिर ने पूछा — भगवन् ! आपके श्रीमुख से मैंने पुराणों के विषयों को सुना । व्रतों को भी मैंने विस्तारपूर्वक सुना, संसार की असारता को भी… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १४८ से १५० January 13, 2019 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १४८ से १५० ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय १४८ से १५० कन्यादान एवं ब्राह्मणों की परिचर्या का माहात्म्य भगवान् श्रीकृष्ण कहते हैं — राजन् ! जो विवाह करने योग्य कन्या को अलंकृतकर ब्राह्मविधि से सुयोग्य वर को प्रदान करता है, यह सात पूर्व… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १४७ January 13, 2019 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १४७ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय १४७ काञ्चनपुरी व्रत – विधि भगवान् श्रीकृष्ण कहते है – महाराज ! एक बार विश्व के उत्पत्ति, पालन और संहारकारक अक्षर पुरुषोत्तम भगवान विष्णु श्वेतद्वीप में सुखपूर्वक बैठे हुए थे । उसी समय जगन्माता लक्ष्मी ने उनके… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १४६ January 13, 2019 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १४६ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय १४६ अपराधशतशमन-व्रत महर्षि वसिष्ठजी ने राजा इक्ष्वाकु से कहा — राजन् ! अब आपको एक व्रत बतला रहा हूँ, जिससे महाफल की प्राप्ति होती है और सैकड़ों दोष-पापों का शमन हो जाता है । राजा इक्ष्वाकु ने… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १४५ January 13, 2019 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १४५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय १४५ नक्षत्रार्चन-विधि (रोगावलि-चक्र) भगवान् श्रीकृष्ण कहते हैं — राजन् ! एक बार कौशिक मुनि अग्निहोत्र करने के बाद सुखपूर्वक बैठे हुए थे । उसी समय महर्षि गर्ग ने उनसे पूछा — ‘ब्रह्मन् ! बंदीगृह में निरुद्ध हो… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १४४ January 12, 2019 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १४४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय १४४ विनायक-शान्ति महाराज युधिष्ठिर ने कहा — देवेश ! विभो ! अब आप विनायक-शान्ति की विधि मुझे बताये, जिसके करने से सभी मानव समस्त आपत्तियों से मुक्त हो जाते हैं । भगवान् श्रीकृष्ण बोले — राजेन्द्र !… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १४३ January 12, 2019 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १४३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय १४३ महाशान्ति-विधान भगवान् श्रीकृष्ण कहते हैं — राजन् ! अब मैं भगवान् शंकर द्वारा कही गयी महाशान्ति का विधान बतलाता हूँ, यह राजाओं के लिये कल्याणकारी है तथा भयंकर विघ्नों को दूर करनेवाली है । इस महाशान्ति… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १४२ January 12, 2019 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १४२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय १४२ कोटिहोम का विधान भगवान् श्रीकृष्ण कहते हैं — महाराज ! प्राचीन काल में प्रतिष्ठान (पैठण) नामक नगर में संवरण नाम के एक महान् भाग्यशाली राजा थे । ये सभी शास्त्रों में निपुण, ब्रह्मतत्त्व के ज्ञाता, पितृभक्त… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १४१ January 12, 2019 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १४१ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय १४१ शान्तिक एवं पौष्टिक कर्मों तथा नवग्रह-शान्ति की विधि का वर्णन… Read More
भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १४० January 12, 2019 | aspundir | Leave a comment भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १४० ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय १४० दीपमालिकोत्सव भगवान् श्रीकृष्ण ने कहा — महाराज ! पूर्वकाल में भगवान् विष्णु ने वामनरूप धारणकर दानवराज बलि को छलकर इन्द्र को राज्य का भार सौंप दिया और राजा बलि को पाताल लोक में स्थापित कर दिया… Read More