गणेशजी ने तोड़ा कुबेर का घमंड September 24, 2019 | aspundir | Leave a comment गणेशजी ने तोड़ा कुबेर का घमंड देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेरदेव को इस बात का घमंड हो गया था कि वे देवताओं के धन के अधिपति हैं । वो देवताओं का धन खुद के कामों में उपयोग करने लगे । एक दिन वे शिवजी के पास गए और कहा कि मैं आपको अपने घर खाने पर… Read More
हजरत गौसुल आजम का फालनामा September 24, 2019 | aspundir | 1 Comment हजरत गौसुल आजम का फालनामा यह फालनामा हजरत गौसुल आजम ने तैयार किया था । इस फालनामे को मुसलमानों में अत्यधिक आदर-सम्मान और मान-प्रतिष्ठा दी जाती है । फालनामा देखने की विधि – सर्वप्रथम प्रश्नकर्ता स्नान-ध्यान, पूजा-पाठ इत्यादि से निबटकर शुद्ध मन से पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ अपनी आंखें बंद करके किसी भी… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 35 September 23, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 35 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः पैंतीसवाँ अध्याय शंखचूड का अपने एक बुद्धिमान् दूत को शंकर के पास भेजना, दूत तथा शिव की वार्ता, शंकर का सन्देश लेकर दूत का वापस शंखचूड के पास आना सनत्कुमार बोले — [हे व्यास!] वहाँ स्थित होकर उस दानवेन्द्र ने अत्यन्त… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 34 September 23, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 34 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः चौंतीसवाँ अध्याय तुलसी से विदा लेकर शंखचूड का युद्ध के लिये ससैन्य पुष्पभद्रा नदी के तट पर पहुँचना व्यासजी बोले — हे महाबुद्धिमान् ब्रह्मपुत्र ! हे मुने ! आप चिरकाल तक जीवित रहें, आपने शिवजी का बड़ा विचित्र चरित्र वर्णन किया… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 33 September 23, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 33 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः तैंतीसवाँ अध्याय शंखचूड से युद्ध के लिये अपने गणों के साथ भगवान् शिव का प्रस्थान सनत्कुमार बोले — तब उस दूत का वचन सुनकर देवाधिदेव भगवान् शंकर कुपित होकर वीरभद्रादि गणों से कहने लगे — ॥ १ ॥ रुद्र बोले —… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 32 September 23, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 32 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः बत्तीसवाँ अध्याय भगवान् शिव के द्वारा शंखचूड को समझाने के लिये गन्धर्वराज चित्ररथ (पुष्पदन्त )-को दूत के रूप में भेजना, शंखचूड द्वारा सन्देश की अवहेलना और युद्ध करने का अपना निश्चय बताना, पुष्पदन्त का वापस आकर सारा वृत्तान्त शिव से निवेदित… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 31 September 23, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 31 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः इकतीसवाँ अध्याय शिव द्वारा ब्रह्मा-विष्णु को शंखचूड का पूर्ववृत्तान्त बताना और देवों को शंखचूडवध का आश्वासन देना सनत्कुमार बोले — अत्यन्त दीन ब्रह्मा तथा विष्णुजी का वचन सुनकर शंकरजी हँसते हुए मेघ के समान गम्भीर वाणी में कहने लगे — ॥… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 30 September 22, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 30 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः तीसवाँ अध्याय ब्रह्मा तथा विष्णु का शिवलोक पहुँचना, शिवलोक की तथा शिवसभा की शोभा का वर्णन, शिवसभा के मध्य उन्हें अम्बासहित भगवान् शिव के दिव्यस्वरूप का दर्शन और शंखचूड से प्राप्त कष्टों से मुक्ति के लिये प्रार्थना सनत्कुमार बोले — हे… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 29 September 22, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 29 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः उनतीसवाँ अध्याय शंखचूड का राज्यपद पर अभिषेक, उसके द्वारा देवों पर विजय, दुखी देवों का ब्रह्माजी के साथ वैकुण्ठगमन, विष्णु द्वारा शंखचूड के पूर्वजन्म का वृत्तान्त बताना और विष्णु तथा ब्रह्मा का शिवलोक-गमन सनत्कुमार बोले — [हे व्यास!] तपस्या करके वर… Read More
शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 28 September 22, 2019 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण – द्वितीय रुद्रसंहिता [पंचम-युद्धखण्ड] – अध्याय 28 श्री गणेशाय नमः श्री साम्बसदाशिवाय नमः अट्ठाईसवाँ अध्याय शंखचूड की पुष्कर-क्षेत्र में तपस्या, ब्रह्मा द्वारा उसे वर की प्राप्ति, ब्रह्मा की प्रेरणा से शंखचूड का तुलसी से विवाह सनत्कुमार बोले — इसके बाद उस शंखचूड ने जैगीषव्य महर्षि के उपदेश से ब्रह्माजी के पुष्कर-क्षेत्र में प्रीतिपूर्वक बहुत… Read More