शिवमहापुराण — वायवीयसंहिता [उत्तरखण्ड] — अध्याय 07 October 17, 2024 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण — वायवीयसंहिता [उत्तरखण्ड] — अध्याय 07 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण वायवीयसंहिता [उत्तरखण्ड] सातवाँ अध्याय परमेश्वरकी शक्तिका ऋषियोंद्वारा साक्षात्कार, शिवके प्रसादसे प्राणियोंकी मुक्ति, शिवकी सेवा – भक्ति तथा पाँच प्रकारके शिवधर्मका वर्णन उपमन्यु कहते हैं— परमेश्वर शिवकी स्वाभाविक शक्ति विद्या है, जो सबसे विलक्षण है । वह एक होकर भी… Read More
शिवमहापुराण — वायवीयसंहिता [उत्तरखण्ड] — अध्याय 06 October 17, 2024 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण — वायवीयसंहिता [उत्तरखण्ड] — अध्याय 06 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण वायवीयसंहिता [उत्तरखण्ड] छठवाँ अध्याय शिवके शुद्ध, बुद्ध, मुक्त, सर्वमय, सर्वव्यापक एवं सर्वातीत स्वरूपका तथा उनकी प्रणवरूपताका प्रतिपादन उपमन्यु कहते हैं— यदुनन्दन ! शिवको न तो आणव मलका ही बन्धन प्राप्त है, न कर्मका और न मायाका ही। प्राकृत, बौद्ध,… Read More
शिवमहापुराण — वायवीयसंहिता [उत्तरखण्ड] — अध्याय 05 October 16, 2024 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण — वायवीयसंहिता [उत्तरखण्ड] — अध्याय 05 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण वायवीयसंहिता [उत्तरखण्ड] पाँचवाँ अध्याय परमेश्वर शिवके यथार्थ स्वरूपका विवेचन तथा उनकी शरणमें जानेसे जीवके कल्याणका कथन उपमन्यु कहते हैं – यदुनन्दन ! यह चराचर जगत् देवाधिदेव महादेवजीका स्वरूप है। परंतु पशु (जीव) भारी पाशसे बँधे होनेके कारण जगत् को… Read More
शिवमहापुराण — वायवीयसंहिता [उत्तरखण्ड] — अध्याय 04 October 16, 2024 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण — वायवीयसंहिता [उत्तरखण्ड] — अध्याय 04 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण वायवीयसंहिता [उत्तरखण्ड] चौथा अध्याय शिव और शिवाकी विभूतियोंका वर्णन श्रीकृष्णने पूछा – भगवन् ! अमित तेजस्वी भगवान् शिवकी मूर्तियोंने इस सम्पूर्ण जगत् को जिस प्रकार व्याप्त कर रखा है, वह सब मैंने सुना । अब मुझे यह जाननेकी इच्छा… Read More
शिवमहापुराण — वायवीयसंहिता [उत्तरखण्ड] — अध्याय 03 October 16, 2024 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण — वायवीयसंहिता [उत्तरखण्ड] — अध्याय 03 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण वायवीयसंहिता [उत्तरखण्ड] तीसरा अध्याय भगवान् शिवकी ब्रह्मा आदि पंचमूर्तियों, ईशानादि ब्रह्ममूर्तियों तथा पृथ्वी एवं शर्व आदि अष्टमूर्तियों का परिचय और उनकी सर्वव्यापकताका वर्णन उपमन्यु कहते हैं— श्रीकृष्ण ! महेश्वर परमात्मा शिवकी मूर्तियोंसे यह सम्पूर्ण चराचर जगत् [ किस प्रकार… Read More
शिवमहापुराण — वायवीयसंहिता [उत्तरखण्ड] — अध्याय 02 October 16, 2024 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण — वायवीयसंहिता [उत्तरखण्ड] — अध्याय 02 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण वायवीयसंहिता [उत्तरखण्ड] दूसरा अध्याय उपमन्युद्वारा श्रीकृष्णको पाशुपत ज्ञानका उपदेश ऋषियोंने पूछा- पाशुपत ज्ञान क्या है ? भगवान् शिव पशुपति कैसे हैं ? और अनायास ही महान् कर्म करनेवाले भगवान् श्रीकृष्णने उपमन्युसे किस प्रकार प्रश्न किया था? वायुदेव ! आप… Read More
शिवमहापुराण — वायवीयसंहिता [उत्तरखण्ड] — अध्याय 01 October 16, 2024 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण — वायवीयसंहिता [उत्तरखण्ड] — अध्याय 01 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण वायवीयसंहिता [उत्तरखण्ड] पहला अध्याय ऋषियोंके पूछनेपर वायुदेवका श्रीकृष्ण और उपमन्युके मिलनका प्रसंग सुनाना, श्रीकृष्णको उपमन्युसे ज्ञानका और भगवान् शंकरसे पुत्रका लाभ समस्तसंसारचक्रभ्रमणहेतवे ॥ गौरीकुचतटद्वन्द्वकुङ्कुमाङ्कितवक्षसे जो समस्त संसार-चक्रके परिभ्रमणमें कारणरूप हैं तथा गौरीके युगल उरोजोंमें लगे हुए केसरसे जिनका वक्षःस्थल… Read More
शिवमहापुराण — वायवीयसंहिता [ पूर्वखण्ड] — अध्याय 35 October 16, 2024 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण — वायवीयसंहिता [ पूर्वखण्ड] — अध्याय 35 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण वायवीयसंहिता [ पूर्वखण्ड] पैंतीसवाँ अध्याय भगवान् शंकरका इन्द्ररूप धारण करके उपमन्युके भक्तिभावकी परीक्षा लेना, उन्हें क्षीरसागर आदि देकर बहुत से वर देना और अपना पुत्र मानकर पार्वतीके हाथमें सौंपना, कृतार्थ हुए उपमन्युका अपनी माताके स्थानपर लौटना वायुदेव बोले—… Read More
शिवमहापुराण — वायवीयसंहिता [ पूर्वखण्ड] — अध्याय 34 October 16, 2024 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण — वायवीयसंहिता [ पूर्वखण्ड] — अध्याय 34 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण वायवीयसंहिता [ पूर्वखण्ड] चौंतीसवाँ अध्याय उपमन्युका गोदुग्धके लिये हठ तथा माताकी आज्ञासे शिवोपासनामें संलग्न होना ऋषियोंने पूछा – प्रभो ! धौम्यके बड़े भाई उपमन्यु जब छोटे बालक थे, तब उन्होंने दूधके लिये तपस्या की थी और भगवान् शिवने… Read More
शिवमहापुराण — वायवीयसंहिता [ पूर्वखण्ड] — अध्याय 33 October 16, 2024 | aspundir | Leave a comment शिवमहापुराण — वायवीयसंहिता [ पूर्वखण्ड] — अध्याय 33 ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॥ श्रीसाम्बसदाशिवाय नमः ॥ श्रीशिवमहापुराण वायवीयसंहिता [ पूर्वखण्ड] तैंतीसवाँ अध्याय पाशुपत – व्रतकी विधि और महिमा तथा भस्मधारणकी महत्ता ऋषि बोले – भगवन् ! हम परम उत्तम पाशुपत- व्रतको सुनना चाहते हैं, जिसका अनुष्ठान करके ब्रह्मा आदि सब देवता पाशुपत माने गये हैं… Read More