भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १०२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय १०२ सावित्री-व्रतकथा एवं व्रत-विधि राजा युधिष्ठिर ने कहा — भगवन् ! अब आप सावित्री-व्रत के विधान का वर्णन करें । भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! सावित्री नाम की एक राजकन्या ने वन में जिस प्रकार यह… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १०१ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय १०१ युगादि तिथियों की विधि राजा युधिष्ठिर ने पूछा — भगवन् ! आप उन तिथियों का वर्णन करें, जिनमें स्वल्प भी किया गया स्नान, दान, जप आदि पुण्यकर्म अक्षय हो जाते हैं और महान् धर्म तथा शुभ… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय १०० ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय १०० वैशाखी, कार्तिकी और माघी पूर्णिमा की विधि राजा युधिष्ठिर ने पूछा — भगवन् ! संवत्सर में कौन-कौन तिथियाँ स्नान-दान आदि में अधिक पुण्यप्रद हैं । उनका आप वर्णन करे । भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज !… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ९९ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ९९ पौर्णमासी-व्रत-विधान एवं अमावास्या में श्राद्ध-तर्पण की महिमा तथा बुध के जन्म की कथा भगवान् श्रीकृष्ण कहते हैं — महाराज ! पूर्णिमा तिथि चन्द्रमा को अत्यन्त पवित्र है क्योंकि पूर्णमासी तिथि वहीं होती है जिसमें मास की… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ९८ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ९८ सर्वफलत्याग-चतुर्दशी व्रत भगवान् श्रीकृष्ण बोले — भारत ! अब आप सर्वफलत्याग-चतुर्दशी व्रत का माहात्म्य सुनें । यह सम्पूर्ण कामनाओं को पूर्ण करनेवाला है । इस व्रत का नियम मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ९६ से ९७ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ९६ से ९७ नक्त एवं शिवचतुर्दशी-व्रतकी विधि भगवान् श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! अब आप नक्तव्रत का विधान सुनिये, जिसके करने से मनुष्य मुक्ति प्राप्त कर लेता है । किसी भी मास की शुक्ल चतुर्दशी… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ९५ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ९५ श्रवणिका व्रत-कथा एवं व्रत-विधि राजा युधिष्ठिर ने पूछा — भगवन् ! संसार में श्रावणी नाम की जिन देवियों का नाम सुना जाता है, वे कौन हैं और उनका क्या धर्म है तथा वे क्या करती हैं… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ९४ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ९४ अनन्तचतुर्दशी-व्रत-विधान भगवान् श्रीकृष्ण ने कहा — राजन् ! सम्पूर्ण पापों का नाशक, कल्याणकारक तथा सभी कामनाओं को पूर्ण करनेवाला अनन्त चतुर्दशी नामक एक व्रत है, जिसे भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को सम्पन्न किया… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ९३ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ९३ आग्नेयी शिवचतुर्दशी-व्रत के प्रसंग में महर्षि अङ्गिरा का आख्यान श्रीकृष्ण बोले — महाराज ! चतुर्दशी तिथि अग्नि की परम प्रेयसी है, क्योंकि नष्ट होते हुए भी अग्नि देव में इसी दिन पुनः अग्नित्व प्राप्त किया था… Read More


भविष्यपुराण – उत्तरपर्व – अध्याय ९१ से ९२ ॐ श्रीपरमात्मने नमः श्रीगणेशाय नमः ॐ नमो भगवते वासुदेवाय भविष्यपुराण (उत्तरपर्व) अध्याय ९१ से ९२ पाली-व्रत… Read More