ब्रह्मवैवर्तपुराण – ब्रह्मखण्ड – अध्याय 03 ॐ श्रीगणेशाय नमः ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः तीसरा अध्याय श्रीकृष्ण से सृष्टि का आरम्भ, नारायण, महादेव, ब्रह्मा, धर्म, सरस्वती, महालक्ष्मी और प्रकृति –का प्रादुर्भाव तथा इन सबके द्वारा पृथक-पृथक श्रीकृष्ण का स्तवन सौति कहते हैं – भगवान ने देखा कि सम्पूर्ण विश्व शून्यमय है। कहीं कोई जीव-जन्तु नहीं है। जल… Read More


ब्रह्मवैवर्तपुराण – ब्रह्मखण्ड – अध्याय 02 ॐ श्रीगणेशाय नमः ॐ श्रीराधाकृष्णाभ्यां नमः दूसरा अध्याय परमात्मा के महान उज्ज्वल तेजःपुञ्ज, गोलोक, वैकुण्ठलोक और शिवलोक की स्थिति का वर्णन तथा गोलोक में श्यामसुन्दर भगवान् श्रीकृष्ण के परात्पर स्वरूप का निरूपण शौनक जी ने पूछा — सूतनन्दन ! आपने कौन-सा परम अद्भुत, अपूर्व और अभीष्ट पुराण सुना है,… Read More