आशु-फल-प्रद सिद्ध शाबर महा-लक्ष्मी मन्त्र आशु-फल-प्रद सिद्ध शाबर महा-लक्ष्मी मन्त्र विनियोगः- ॐ अस्य श्रीधन-प्रद-महा-लक्ष्मी-सिद्ध-शाबर-मन्त्रस्य श्रीविष्णु ऋषिः। अनुष्टुप छन्दः। श्रीमहा-लक्ष्मी देवता। श्रीं बीजं। ह्रीं शक्तिः। क्लीं कीलकं। मम सकल-कामना-सिद्धयर्थे जपे विनियोगः।… Read More
आप लोगों का मंगल करें आप लोगों का मंगल करें श्रीमत्पङ्कजविष्टरो हरिहरो वायुर्महेन्द्रोऽनलश्चन्द्रो, भास्करवित्तपालवरुणाः प्रेताधिपाद्या ग्रहाः । प्रद्युम्नो नल-कूबरौ सुरगजश्चिन्तामणिः कौस्तुभः, स्वामी शक्तिधरश्च लाङ्लधरः कुर्वन्तु वो मङ्गलम् ।। सर्वैश्वर्य ब्रह्मा, विष्णु एवं शिव, वायुदेव, देवराज इन्द्र तथा अग्नि देवता, चन्द्र-देवता, भगवान् सूर्य, धनाध्यक्ष कुबेर, वरुण और संयमनी-पुरी के स्वामी यमराज, सभी ग्रह, श्रीकृष्ण के पुत्र प्रद्युम्न, नल और कूबर, ऐरावत… Read More
काल विकाल बाण प्रयोग बंगाल के सिद्ध मंत्र प्रयोग काल विकाल बाण प्रयोग इस प्रयोग को करते समय देवी घट स्थापन करें, उसमें देवी का आवाहन करें । कार्तिकेय, गणेश, शिव का पूजन भी करें । दिग्-रक्षण प्रयोग स्वयं का एवं अपने स्थान का करें, यदि अन्यत्र जाके प्रयोग कर रहे हैं तो साधक पहले अपने स्थान, परिवार व… Read More
जपमाला के संस्कार जपमाला के संस्कार कबीर जी ने कहा है – माला फेरत जुग भया, मिटा ना मन का फेर । कर का मन का छाड़ि के, मन का मनका फेर ।। माला के सम्बन्ध में शास्त्रों में बहुत विचार किया गया है । यहाँ संक्षेप में उसका कुछ थोड़ा-सा अनुमान मात्र दिया जाता है – माला… Read More
बंधी दूकान कैसे खोलें ? बंधी दूकान कैसे खोलें ? कभी-कभी देखने में आता है कि खूब चलती हुई दूकान भी एकदम से ठप्प हो जाती है । जहाँ पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ती थी, वहाँ सन्नाटा पसरने लगता है । यदि किसी चलती हुई दुकान को कोई तांत्रिक बाँध दे, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है, अतः इससे बचने… Read More
गोपालाक्षय कवचम् गोपालाक्षय कवचम् गर्भपात की आशंका होने पर या बार-बार गर्भपात होने की स्थिति में निम्न स्तोत्र का पाठ नियमित करना चाहिये । ।। श्री गणेशाय नमः ।। ।। श्रीनारद उवाच ।। इन्द्राद्यमरवर्गेषु ब्रह्मन्यत्परमाऽद्भुतम् । अक्षयं कवचं नाम कथयस्व मम प्रभो ।। १ ।। यद्धृत्वाऽऽकर्ण्य वीरस्तु त्रैलोक्य विजयी भवेत् ।… Read More
शनि साढ़े-साती निवारण शनि साढ़े-साती निवारण १॰ किसी छोटे मिट्टी के बर्तन में या मोटा मजबूत कपड़े में २५० ग्राम तम्बाकू (बनाकर या बना हुआ खरीद कर) तथा ५०० ग्राम तेल डालकर उस बर्तन या कपड़े में नीचे एक छोटा-सा छेद करें तथा उसको शनिवार के दिन पीपल के पेड़ पर बाँध दें । फिर ५ सप्ताह तक… Read More
साधना का स्थान साधना का स्थान साधना के लिए समुचित स्थान का चयन करना प्रथम कार्य है । इस सम्बन्ध में तन्त्र-शास्त्र में स्पष्ट निर्देश मिलते हैं, जिनसे ज्ञात होता है कि दो प्रकार के ‘स्थान’ होते हैं – १॰ प्राकृतिक तथा २॰ मानव द्वारा निर्मित स्थान । इन स्थानों में से उपयुक्त स्थान को चुनकर वहाँ साधना… Read More
त्रिखल जन्म दोष क्या है ? त्रिखल जन्म दोष क्या है ? जब किसी स्त्री के तीन लड़कियों के बाद लड़के का जन्म हो या तीन लड़कों के पश्चात् लड़की का जन्म हो तो ‘त्रिखल’ नामक दोष होता है । पुत्र जन्म हो तो पिता को भय, बीमारी और धन हानि होती है । पुत्री के जन्म होने से माता के… Read More
आप स्मार्त्त हैं या वैष्णव ? आप स्मार्त्त हैं या वैष्णव कभी-कभी पंचांगों में एकादशी और जन्माष्टमी के वर्तों में स्मार्त्तों के लिये और वैष्णवों के लिये – दो व्रत दो दिन लिखे रहते हैं। जनसाधारण नहीं समझ पाता कि वह व्रत किस दिन करे -पहले दिन या दूसरे दिन । ध्यान रहे – सम्पूर्ण संसार में फैले हिन्दू मात्र स्मार्त्त… Read More